डिजास्टर मैनेजमेंट में करियर को दें नई संभावनाएं 

एक ऐसा करियर ऑप्शन है जो अच्छी सैलरी के साथ जॉब सेटिस्फैक्शन भी देता है। अगर आपको सेवा के क्षेत्र से जुड़कर काम करने में दिलचस्पी है, तो आप इसमें करियर बना सकते हैं।

एजूकेशन डेस्क । हर साल दुनिया के किसी-न-किसी देश में भूकंप, बाढ़ या सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाएं लोगों के जीवन को प्रभावित करती रहती हैं। यूएन द्वारा जारी किए गए कुछ आंकड़ों के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में करीब 30 लाख लोग प्राकृतिक आपदाओं के शिकार हुए। जबकि सही समय पर प्रोफेशनल्स की मदद से 10 लाख लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इन आंकड़ों से साफ है कि डिजास्टर मैनेजमेंट समय की मांग तो है ही, एक ऐसा करियर ऑप्शन भी है जो अच्छे पे पैकेज के साथ जॉब सेटिस्फैक्शन भी देता है। अगर आपको सेवा के क्षेत्र से जुड़कर काम करने में दिलचस्पी है, तो आप इसमें करियर बना सकते हैं।


क्या है डिजास्टर मैनेजमेंट?
डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स का काम आपदा के शिकार लोगों की जान बचाना और उन्हें नई जिंदगी देना है। आपात स्थिति के समय बिगड़ी हुई जिंदगी को पटरी पर लाने का काम इन्हीं के जिम्मे होता है। इन प्रोफेशनल्स को आपदा पीड़ितों को तुरंत बचाने, राहत पहंुचाने और उनकी जरूरतें पूरी करने की ट्रेनिंग भी दी जाती है। साथ ही, इन्हें घायलों का प्राथमिक उपचार भी करना होता है।


कोर्सेज
डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े सर्टिफिकेट से लेकर पीजी डिप्लोमा स्तर के कोर्सेज अलग-अलग यूनिवर्सिटीज और इंस्टीट्यूट्स में कराए जाते हैं। इनमें से कुछ कोर्सेज में इंटर के बाद ही एडमिशन लिया जा सकता है, जबकि कुछ कोर्सेज के लिए ग्रेजुएट होना जरूरी है। आप सर्टिफिकेट कोर्स इन डिजास्टर मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन डिजास्टर मैनेजमेंट, एमए इन डिजास्टर मैनेजमेंट, एमबीए इन डिजास्टर मैनेजमेंट और पीजी डिप्लोमा इन डिजास्टर मैनेजमेंट कर सकते हैं।


स्किल्स
चूंकि यह चुनौती और खतरों से भरा हुआ काम है, इसलिए इसमें प्रेजेंस ऑफ माइंड और बुद्धिमत्ता की आवश्यकता होती है। इसके अलावा आपका शारीरिक व मानसिक तौर पर तगड़ा होना भी जरूरी है। ऐसे प्रोफेशनल्स को किसी भी समय अचानक किसी आपदा के दौरान काम करना पड़ता है, इसलिए आपके अंदर धैर्य के साथ हमेशा काम करने का जज्बा होना चाहिए। इसके अलावा कम समय में सही निर्णय लेना भी एक महत्वपूर्ण गुण है।


भविष्य की संभावनाएं
इस फील्ड में ज्यादातर जॉब्स गवर्नमेंट सेक्टर में ही हैं, इस लिहाज से यह एक बेहतर करियर ऑप्शन है। इस- के अलावा इमरजेंसी सर्विसेज, लोकल इंफोर्समेंट, लोकल अथॉरिटीज, राहत एजेंसीस, गैर-सरकारी संस्थान औरसंयुक्त राष्ट्रसंघ जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसीज में काम करने की अच्छी संभावनाएं हैं। प्राइवेट सेक्टर में रिस्क मैनेजमेंट, कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी कंसल्टेंसी, डॉक्यूमेंटेशन, इंश्योरेंस, स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट जैसी फील्ड में जॉब के अवसर हैं। आप चाहें, तो बतौर ग्रेजुएट प्रोफेशनल अपनी कंसल्टेंसी भी शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा टीचिंग और रिसर्च भी एक करियर ऑप्शन है।


सैलरी कितनी?
इस फील्ड में सैलरी, इंडस्ट्री और जॉब लोकेशन पर निर्भर करती है। देश में एक फ्रैशर के तौर पर आप 15,000 से 20,000 रुपए से शुरूआत कर सकते हैं। इसमें अनुभव के साथ सैलरी भी बढ़ती जाती है। हालांकि सरकारी नौकरी में समय-समय पर प्रमोशन और इंक्रिमेंट्स की संभावना ज्यादा रहती है, इसलिए इस सेक्टर में ग्रोथ के काफी अच्छे अवसर हैं।


प्रमुख संस्थान

सेंटर फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट एंड स्टडीज, पुणे
http://cdms.org.in/

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, देहरादून
फ़ोन: 0135 274 6174
https://www.iirs.gov.in/index.php

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट, नई दिल्ली
फ़ोन: 011 2370 2432
http://nidm.gov.in/

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड एन्वायर्नमेंट, नई दिल्ली
फ़ोन: 011 2953 5053
http://www.ecology.edu/

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