अगर आपको भी है म्यूजिक से लगाव तो साउंड, बीट्स साथ गुनगुनाइए कामयाबी की धुन

अगर सिंगिंग या इंस्ट्रूमेंट्स बजाना आपका शौक है तो म्यूजिक इंडस्ट्री आपके लिए कामयाब भविष्य के रास्ते खोल सकती है। गाना, अमेजन प्राइम म्यूजिक, एप्पल म्यूजिक, विंक जैसे प्लेटफॉर्म्स ने म्यूजिक स्ट्रीमिंग के बाजार को ऊंचाइयां दी हैं।

करियर डेस्क । भारत 1.3 बिलियन संगीत प्रेमियों के साथ दुनिया के सबसे बड़े म्यूजिक मार्केट्स में से एक है। आईएफपीआई के डेटा के मुताबिक देश में म्यूजिक इंडस्ट्री का कुल रेवेन्यू 2016 में 570.7 करोड़ सेबढ़कर 2017 में 725.6 करोड़ हुआ है। इसमें डिजिटल म्यूजिक स्ट्रीमिंग ने रेवेन्यू में अच्छी खासी बढ़ोतरी की है। गाना, अमेजन प्राइम म्यूजिक, एप्पल म्यूजिक, विंक जैसे प्लेटफॉर्म्स ने म्यूजिक स्ट्रीमिंग के बाजार को ऊंचाइयां दी हैं।

अगर आप मेडिकल या इंजीनियरिंग से अलग गीत, संगीत की दुनिया सेलगाव महसूस करते हैं तो अब म्यूजिक एक ऐसा फील्ड है, जो आपके टैलेंट को प्लेटफॉर्म दे सकता है। लेकिन सवाल यह भी उठता है कि क्या वाकई यह मेनस्ट्रीम करिअर है तो इसके जवाब में अभिनेता आयुष्मान खुराना कहते हैं, म्यूजिक एक समानान्तर करिअर है न कि वैकल्पिक। मैं हर दिन रियाज करता हूं और एक करिअर के रूप में इसकी गंभीरता को समझता हूं। अगर आप भी इस क्षेत्र में आगेबढ़ने के बारे में सोच रहे हैं तो जानिए यहां सफलता के लिए आपको किन रास्तों से गुजरना होगा।

ट्रेनिंग के साथ महत्वपूर्ण है आपका कॉन्फिडेंस
सिंगर व कम्पोजर अरमान मलिक कहते हैं, म्यूजिक इंडस्ट्री आपको पैसा और पहचान दोनों देती है, लेकिन यहां जगह बनाना इतना आसान नहीं है। रिएलिटी शोज यहां प्रवेश की उम्मीद जगाते हैं, लेकिन मैंने देखा है कि जब तक आप शो का हिस्सा होते हैं तभी तक आपको लोकप्रियता मिलती है। असली चुनौतियों से सामना शो के खत्म होने के बाद होता है। उस वक्त मोटिवेशन लेवल बनाए रखना मुश्किल होता है। इसके अलावा आत्मविश्वास इस आर्ट के लिए बेहद जरूरी है। बहुत सेलोग म्यूजिक की ट्रेनिंग लेकर मुंबई आते हैं, लेकिन स्टूडियो में माइक थमाए जाने पर उनका पूरा आत्मविश्वास डगमगा जाता है। आप कितना भी अच्छा गा लें लेकिन कॉन्फिडेंस के बिना कुछ काम नहीं आएगा। सोशल मीडिया, खासतौर पर यूट्यूब का सही इस्तेमाल आपको सीखनेमें काफी मदद कर सकता है।

भीड़ से अलग जो करेंगे वही आपका यूएसपी होगा
27 वर्षीय चिन्मया त्रिपाठी हिंदी साहित्य की प्रचलित कविताओं को अपनी आवाज व म्यूजिक के साथ यूट्यूब के जरिए ऑडिएंस तक पहुंचा रही हैं। चिन्मया का यह प्रयोग काफी पसंद किया जा रहा है। वे कहती हैं, संगीत में कॅरिअर बनाना है तो इसे हॉबी नहीं पैशन की तरह लेना होगा। चिन्मया की सलाह है कि गायकों और संगीतकारों की भीड़ में गुम न हों बल्कि कुछ अलग व क्रिएटिव करने के बारे में सोचें। यही आपका यूएसपी होगा। गाना गाने और बजाने के साथ- साथ यह भी सोचना होगा कि वह श्रोताओं के दिल में उतर जाए। इसके अलावा एक म्यूजिशियन के लिए अब जरूरी नहीं है कि वह फिल्म में ही म्यूजिक दे बल्कि वह रिएलिटी शो, लाइव कॉन्सर्ट, बैंड, एलबम, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म आदि के जरिए भी पैसा व शोहरत कमा सकता है। इतना ही नहीं सिंगिंग के अलावा आप म्यूजिक डायरेक्टर, ऑडियो इंजीनियर, म्यूजिक मैनेजर, म्यूजिक जर्नलिस्ट, म्यूजिक क्रिटिक, टीचर, म्यूजिक कम्पोजर, म्यूजिक प्रोड्यूसर के रूप में भी शुरुआत कर सकते हैं। 

सिर्फ रियाज से नहीं बनेगी बात जुनून जरूरी है
कई बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुके वॉयलिनिस्ट संदीप ठाकुर कहते हैं, संगीत को हॉबी की तरह न लेकर अपना जुनून बना लें। म्यूजिक थोड़ा महंगा है, लेकिन मेडिकल, इंजीनियरिंग या एमबीए की पढ़ाई की तुलना में यहां कम बजट में आप अपना कॅरिअर बना सकते हैं। इसके अलावा सक्सेस को नंबर के आधार पर न देखें। कभी कई मिलियन व्यूज व लाखों सब्सक्राइबर्स वाले यूट्यूबर्स को भी काम नहीं मिलता तो कभी कुछ लोक कलाकार भी पूरी दुनिया में पहचान बना लेते हैं। तुरंत कामयाबी के बजाय नियमित प्रैक्टिस पर ध्यान दें। 

स्थानीय स्तर से भी हो सकती है बड़ी शुरुआत
राजस्थानी लोकगायक स्वरूप खान कहते हैं, बचपन में गरीबी की वजह सेमैं सरकारी स्कूल में भी पढ़ाई नहीं कर पाया। ऐसेमें आय के लिए मैंने गाना शुरू किया। लेकिन मैंने पाया कि बॉलीवुड के अलावा इस तरह के संगीत को सुनने वाले भी काफी सारे श्रोता हैं। मुझेलगता है, छोटे शहरों के युवा अगर स्थानीय स्तर के संगीत में
कुछ नया और बेहतर करते हैं तो उनके लिए अब अच्छेमौके हैं। स्वरूप की सलाह है कि संगीत के क्षेत्र में एंट्री से पहले खुद से सवाल करें कि क्या आप सिर्फ पैसा कमाने के लिए इस क्षेत्र सेजुड़ना चाहते हैं? या फिर अपने संगीत के हुनर को तराशकर सुर, ताल के जरिए लोगों के दिलों में उतरना चाहते हैं। अगर आपका जवाब दूसरा विकल्प है तभी आप यहां कामयाब हो पाएंगे। 

रास्ता अलग है, लेकिन परिणाम मिलते हैं
प्लेबैक सिंगर दर्शन रावल ने इंजीनियरिंग छोड़कर म्यूजिक को चुना। वे कहते हैं, बीटेक में एडमिशन लेने के बाद मुझेलगा कि मैं खुद के साथ सही नहीं कर रहा हूं। म्यूजिक में रुचि के चलते अंतत: मैंने बीटेक बीच में छोड़कर संगीत में कॅरिअर बनाना तय किया। लेकिन फिर चुनौतियां शुरू हुईं। जब मैं रिएलिटी शो कर रहा था तब कई ऑफर आए, लेकिन शो खत्म होने के बाद किसी भी डायरेक्टर ने मुझे कोई काम नहीं दिया। तब लगा कि मुझेफिर से अपने कॅरिअर के बारेमें सोचना चाहिए। हालांकि कुछ समय धैर्य रखने के बाद काम मिला। लेकिन इससे साबित हुआ कि इंजीनियरिंग में रुचि नहीं होने की वजह से एक अच्छा कॉलेज भी मुझे इंजीनियर नहीं बना पाया जबकि म्यूजिक में दिलचस्पी ने मुझे अलग पहचान दी। 

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