एक ही रोल मॉडल नहीं होना चाहिए, हर इंसान से कुछ न कुछ सीखा जा सकता है 

अनुष्का श्समौ कहती हैं कि प्रतिस्पर्धा के बारे में जागरुक रहना चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि आपके प्रतिस्पर्धी कौन हैं। प्रतिस्पर्धा असल में आपको कड़ी मेहनत के लिए प्रेरित करती है। लेकिन याद रखें कि रेस में भागने के बजाय श्रेष्ठता का पीछा कीजिए।

एजुकेशन डेस्क । मैंने 15 साल की उम्र से रिजेक्शन का सामना किया। उस दौरान कई बार ऐसा हुआ जब मुझे शो से हटाया गया। किसी एड फिल्म के लिए चुना गया फिर हटा दिया गया। यह सब मेरे साथ भी हुआ। यह इंडस्ट्री और सामान्य जिंदगी का हिस्सा है। लेकिन 15 साल की उम्र में ऐसा होना आपको मानसिक रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। यह आपकी सेल्फ एस्टीम पर भी हमला करता है। लेकिन मैंने इसका मुकाबला किया। हालांकि, आगे चलकर मुझे यह भी लगा कि जिंदगी में हर घटना के पीछे कोई न कोई वजह जरूर होती है। फिल्मों में आने से पहले चूंकि मैंने बहुत ज्यादा विज्ञापन नहीं किए थे। जब पहली फिल्म मिली तो डायरेक्टर एक ऐसा चेहरा चाहते थे जोअनदेखा हो। अगर मैं भी बहुत सारी एड फिल्में करती तो शायद मुझे वह मौका नहीं मिलता। ये कहना था बॉलीवुड सुपर स्टार अनुष्का शर्मा का। 

सुनें सबकी, करें मन की : बहुत सारे लोग आपको सलाहें देते हैं, 
आपको पता नहीं होता कि वह अच्छी सलाह है या बुरी सलाह। वे आपको बताएंगे कि किस तरह अपना करिअर प्लान करें। लेकिन इसका कोई फॉर्मूला नहीं है। जरूरी नहीं कि हम दूसरों की तर्ज पर अपने गोल्स की प्लानिंग करें। जरूरी नहीं जो दूसरे कर रहे हों उसे आप भी फॉलो करें। मैंने कभी ऐसा नहीं किया है। कभी किसी और की तरह बनने की कोशिश नहीं की है। मुझे लगता है एक चीज जो हमें अपनानी चाहिए वह है ईमानदारी। ईमानदार रहें और अपने काम का सम्मान करें। 

दूसरों के काम को सराहें
प्रतिस्पर्धा के बारे में जागरुक रहना चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि आपके प्रतिस्पर्धी कौन हैं। प्रतिस्पर्धा असल में आपको कड़ी मेहनत के लिए प्रेरित करती है। लेकिन याद रखें कि रेस में भागने के बजाय श्रेष्ठता का पीछा कीजिए। इसके साथ ही आप कितने भी सफल हो जाएं लेकिन आपको दूसरों के काम की सराहना करनी आनी चाहिए। 

लर्निंग का दायरा बढ़ाइए
मैंने जिंदगी अपनी शर्तों पर जी है। मैं इसमें यकीन नहीं करती कि जीवन में सिर्फ एक ही रोल मॉडल नहीं होना चाहिए। ऐसा करना अपना दायरा छोटा करना होता है। इसके बजाय हरेक इंसान से आप कुछ न कुछ सीख सकते हैं। जो कुछ भी कर रहे हों उस पर पूरी तसल्ली के साथ सोचें फिर फैसला लें। पछतावा होने की गुंजाइश कम होगी।

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