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अमेरिका: जॉब बढने से बढ़ा कॉम्पिटीशन, सैलरी भी मिल रही ज्यादा

अमेरिका की बेरोजगारी दर 3.9 फीसदी रही, जो वर्ष 2000 के बाद पहली बार रिकॉर्ड निचले स्तर पर है।

एजुकेशन डेस्क। पिछले कुछ महीनों के दौरान अमेरिका से बहुत सकारात्मक खबरें आई थीं, जिनमें यह बताया गया था कि वहां जॉब की स्थिति बहुत अच्छी है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रत्येक तिमाही में लाखों नए रोजगार लोगों को मिल रहे थे। हाल ही में वहां श्रम विभाग ने 'नियुक्ति और बेरोजगारी' पर नई रिपोर्ट जारी की है। उससे अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थितियों का पता चलता है। 

अमेरिका में 18 साल बाद पहली बार इतनी अच्छी स्थति बनी 

रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में अमेरिका की बेरोजगारी दर 3.9 फीसदी रही, जो वर्ष 2000 के बाद पहली बार रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। उसमें यह भी पता चलता है कि जॉब क्षेत्र पहले से कई गुना ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन गया है जो पिछले अक्टूबर से 4.1 फीसदी है। यही नहीं, पिछले महीने ही 1.64 लाख नए जॉब लोगों को मिले हैं। परन्तु वॉलस्ट्रीट के अर्थशास्त्री बताते हैं कि यह बढ़ोतरी तकरीबन 1.93 लाख की है। इसके अतिरिक्त प्रतिघंटे के हिसाब से वेतन भी बढ़ा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.6 फीसदी अधिक है। नई रिपोर्ट पर अमेरिका की वे कंपनियां ज्यादा सतर्क हैं, जो ज्यादा नियुक्तियां करती हैं। उनमें सिलिकॉन वैली भी शामिल है। 


अप्रैल लगातार 91वां महीना है, जिसमें जॉब बढ़े हैं

यहां कर्मचारियों के लिए अच्छी बात यह है कि कंपनियां उनका वेतन बढ़ाने के विकल्प खोज रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जिन कंपनियों के पास प्रतिभाशाली कर्मचारी हैं, वे उन्हें कहीं और जाने नहीं देना चाहतीं। अप्रैल लगातार 91वां महीना है, जिसमें जॉब बढ़े हैं। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका एवं वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार आ रहा है। एक प्रतिष्ठित जॉब वेबसाइट की मुख्य अर्थशास्त्री कैथरीन बरेरा ने कहा, हमें हर महीने नए जॉब देखने को मिल रहे हैं और कर्मचारी भी उनकी तरफ आकर्षित हो रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी की जो दर थी, वह लगातार निचले स्तर पर जा रही है। यह अविश्वसनीय है। वे मानती हैं कि अर्थव्यवस्था जब तेजी से बढ़ रही थी, तब आर्थिक विश्लेषकों ने चिंता जताई थी क्योंकि गतिविधियां बहुत तेजी से बढ़ रही थीं। वर्तमान में कुछ कंपनियां यह विचार कर सकती हैं कि उन्हें आने वाले दिनों के लिए क्या नीतियां बनी चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो हो सकता है कि निवेश में कमी आ जाए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रेड टैरिफ बढ़ाने की वकालत की है, जिसमें चीन को पीछे छोड़ना मुख्य रूप से शामिल है। हालांकि, विरोध के बाद उन्होंने मैक्सिको, कनाडा और यूरोपी संघ के लिए इसमें राहत दे दी है। हालांकि, निकट भविष्य में ऐसा नहीं लगता कि चीन के साथ किसी तरह आर्थिक संकट खड़ना होगा। 

73 हजार नए जॉब्स तैयार

अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि कंपनियां अपनी स्टाफ संख्या और क्षमता में बढ़ोतरी कर सकती हैं ताकि वे चीनी टैरिफ से बचने का उपाय खोज लें। इन्स्टीट्यूट फॉर ऑफ सप्लाई मैनेजमेंट ने हाल ही में कहा कि अप्रैल में उत्पादन गतिविधियों में बढ़ावा हुआ है, पिछले वर्ष जुलाई से यह जारी है। उत्पादनकर्ता इकाइयों ने वर्ष की पहली तिमाही में 73 हजार नए जॉब तैयार किए हैं, जो पिछले एक वर्ष की तुलना में सर्वाधिक हैं। अर्थशास्त्री मानते हैं कि यह दौर कर्मचारियों के लिए बहुत अच्छा कहा जा सकता है क्योंकि काम बढ़ रहा है और करने वाले कम।
 

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