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AIIMS: इस साल बढ़ी 100 सीटें, ऐसे करें एग्जाम की तैयारी

एम्स परीक्षा-2018 का परिणाम 18 जून को घोषित किया जाएगा।

एजुकेशन डेस्क, अजमेर। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) एंट्रेंस एग्जाम 26 तथा 27 मई को आयोजित होगा। इस बार सीटों की संख्या 707 से बढ़ाकर 807 कर दी गई हैं। डॉ. अभिमन्यु कुमावत ने बताया कि ऑल इंडिया लेवल पर एम्स का एग्जाम टफ माना जाता है, जबकि वास्तविक रूप से ये एक डिफरेंट एग्जाम है जिसका कारण है 60 असेरशन रीजन तथा 10 जी.के. व 10 जनरल एप्टीट्यूड क्वेश्चंस, हालांकि इसमें अच्छे कॉन्सेप्चुअल क्वेश्चंस भी पूछे जाते हैं। 

 

दो दिन चलेंगी परीक्षा
एम्स 2018 का परीक्षा भारत के 9 एम्स- दिल्ली, भोपाल, पटना, जोधपुर, भुवनेश्वर, रायपुर, ऋषिकेश, नागपुर व गुंटूर के लिए 2 दिन- 26 मई व 27 मई को प्रतिदिन 2 पारियों- सुबह 9 से दोपहर 1:30 बजे तक तथा दोपहर 3 से शाम 6:30 बजे तक करवाया जाएगा। 

 

कितनी है आरक्षित सीटें
एम्स में सामान्य वर्ग के लिए 400, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 215, एससी वर्ग के लिए 119, एसटी वर्ग के लिए 64 तथा पीएच वर्ग के लिए 40 सीटें आरक्षित है हालांकि ओपन राउंड में यह सभी सीटें इंटर कंवर्टेबल है अर्थात् एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग की सीटों पर योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने पर सामान्य वर्ग को स्थानांतरित कर दी जाती है।

 

नीट 2018 की कटऑफ पिछले साल के मुकाबले होने की संभावना

कैटेगरी

न्यूनतम मार्क्स
(15% कोटा) 

अखिल भारतीय
वरियता सूची रैंक

राजस्थान कटऑफ
(85% कोटा)

जनरल     

538-5487 8800    

536-546

ओ.बी.सी

536-546 9000

534-544

एस.सी    

418-427 54000

418-427

एस.टी

405-410 74000

404-410

 

डॉ. अभिमन्यु कुमावत ने बताए तैयारी के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स 
- कोई भी नया कंटेंट पढ़ने की कोशिश करने के बजाय, वही रिवाइज करे, जो आपने सालभर पढ़ा है। एम्स का पेपर संपूर्णतया एनसीईआरटी आधारित होता है, इसलिए कुछ नया टॉपिक भी पढ़ना हो तो एनसीईआरटी से ही पढ़ें।
- साथ ही एनसीईआरटी एक्जेम्प्लर फिजिक्स तथा केमेस्ट्री सॉल्व करें। 
- असेरशन एंड रीजन वाले क्वेश्चंस के लिए एनसीईआरटी की वे सभी लाइन ध्यान से पढ़ें, जो 'बट, ड्यू टू, एंड, डेट्स वाय' के साथ शुरू होती है। ज्यादातर असेरशन रीजन सवाल ऐसी ही लाईन से पूछे जाते हैं। 
- असेरशन रीजन टाइप क्वेश्चंस को सॉल्व करते समय सिर्फ असेरशन पढ़ें या रीजन खुद सोचने की कोशिश करें, उसके बाद ही रीजन पढ़ें, इससे आप ज्यादातर क्वेश्चंस सही कर पाएंगे। असेरशन रीजन प्रश्न करने का यह सबसे सही तरीका हैं। 
- एम्स में नेगेटिव मार्किंग 1/3 है, इसलिए ज्यादा क्वेश्चंस अटैंप्ट न करें। अपनी रेंज 140-150 के बीच रखे, रैंक लाने के लिए इतने क्वेश्चंस करना काफी होता है। नीट की तरह ज्यादा प्रश्न करने से बचे। 
- एम्स के एग्जाम में नीट के बजाय फिजिक्स, केमेस्ट्री तथा बॉयोलोजी का अनुपात एक सामान रहता है, इसलिए एग्जाम में अच्छा परफोर्म करने के लिए फिजिक्स, केमेस्ट्री में ज्यादा ध्यान दे। फिजिक्स, केमेस्ट्री ही आपका चयन सुनिश्चित करेंगी। 
- एम्स सीबीटी में कम्प्यूटर की राइट स्क्रॉल बार में केल्क्यूलेटर का सिंबल होता है। अतः पेंन से सॉल्व करने के बजाए उसका इस्तेमाल करें, ताकि केल्क्यूलेशन मिस्टेक संभावना खत्म हो जाए। 
- जनरल नाॅलेज पर अपना ज्यादा समय खराब न करें, जी.के. कभी भी एम्स में रैंक को ज्यादा प्रभावित नहीं करता।
- फिर भी पढ़ना चाहें तो इस साल के नोबल प्राइज विनर्स के बारे में तथा रीसेंट डिस्कवरीज के बारे में बढ़ें तथा पिछले चार-पांच महीने में हुए करेंट अफेयर्स पर एक निगाह अवश्य डाले। 
- जनरल नॉलेज के बजाय, जनरल एप्टीट्यूड के क्वेश्चन की प्रैक्टिस करें, इसमें आप थोड़ी मेहनत से पूछे जाने वाले सभी 10 क्वेश्चन सही कर सकते हैं। 
- सबसे जरूरी बात है इन 15 दिन तक नॉलेज को सस्टेन करना, उसके लिए आप लगातार एम्स तथा नीट प्रीवियस इयर्स के पेपर्स सॉल्व करते रहें, आप जेईई-मेन व एडवांस की भी सहायता ले सकते है। 
- अगर आपका नीट का एग्जाम सही नहीं हुआ है तो ऐसा न सोचें कि एम्स भी बेकार होगा। कई बार बहुत सारे स्टूडेंट्स नीट की बजाय एम्स में काफी अच्छा स्कोर करते हैं। 


 

 


 

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