10th के बाद जानें कॉमर्स की खासियत, यह है फ्यूचर कोर्सेस की जानकारी

10th के बाद सिलेक्ट की जाने वाली सबसे ज्यादा फेमस स्ट्रीम कॉमर्स है। इसके फ्यूचर कोर्सेस का ग्लैमर अन्य दूसरे ट्रेडीशनल कोर्सेस से काफी अलग है।

एजुकेशन डेस्क। कॉमर्स... 10th के बाद ज्यादातर स्टूडेंट का लगाव इस फील्ड में होता है। कारण है इस स्ट्रीम में बढ़ता स्कोप। ये स्ट्रीम इसलिए भी फेमस है क्योंकि इस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स आर्ट में भी ट्राय कर सकते हैं। यानी कॉमर्स स्टूडेंट्स के पास आर्ट एंड कॉमर्स दोनों ही काेर्सेस को आज़माने के मौके होते हैं। कॉमर्स स्ट्रीम के कुछ कोर्स की जानकारी जो आपके कॅरियर में काफी मददगार साबित हो सकते हैं।

बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स

बैचलर ऑफ कॉमर्स यानि बीकॉम डिग्री कोर्स है जिसे हर कॉलेज अपने कोर्सेस में शामिल ज़रूर करता है। इस कोर्स का टाइम इंडिया में कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में 3 साल की होती है। दिल्ली एनसीआर, बैंगलोर, कोलकाता, मुंबई और पुणे में खासतौर से इसकी पढ़ाई की जा सकती है।

बीबीए एलएलबी

बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ ऑनर्स, एक स्नातक प्रशासनिक कानून पेशेवर एकीकृत पाठ्यक्रम है। बीबीए एलएलबी का चयन करने वाले छात्र बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और लॉ का अध्ययन करते हैं। कोई भी छात्र जिसने न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ 12वीं की हो इस कोर्स के लिए पात्र माना जाता है। देश में एलएलबी की पढ़ाई कराने वाले कई कॉलेज है। जिसके लिए प्रवेश परीक्षा भी आयोजित की जाती है।

चार्टर्ड एकाउंटेंसी (सीए)

चार्टर्ड एकाउंटेंसी यानि सीए एक कोर्स है जिसके ज़रिए कॉमर्स स्टूडेंट चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने आगे बढ़ सकते हैं। इस कोर्स को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता देखी जाती है। इसके लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया यानि आईसीएआई के साथ रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है। किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या यूनिवर्सिटी से कम से कम 50 फीसदी अंकों से 12th पास होना चाहिए।

कंपनी सेक्रेटरी (सीएस)

कंपनी सेक्रेटरी या सीएस भी सबसे लोकप्रिय कोर्स है। जिसके 12th में 50% अंक हासिल करने के बाद किया जा सकता है। इसे करने के बाद नौकरी की अपार संभावनाएं खुल जाती हैं। सीएस की डिग्री हासिल करने के बाद स्टूडेंट को भारत के कंपनी सचिवों (आईसीएसआई) के साथ रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

बीसीए (आईटी एंड सॉफ्टवेयर)

बीसीए खासतौर से उन्ही स्टूडेंट के लिए है जो कंप्यूटर की भाषाओं की दुनिया को जानने की इच्छा रखता हो। एक बीसीए की डिग्री कम्प्यूटर साइंस या सूचना प्रौद्योगिकी में बीटेक/ बीई डिग्री के बराबर मानी जाती है। मैथ्स के साथ 12th पास की हो वे इसके लिए पात्र माना जाता है लेकिन ये याद रहे कि 12th में 45% अंक होने ही चाहिए।

बीबीए / बीएमएस

बैचलर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन यानि बीबीए और बैचलर ऑफ मैनेजमैंट स्ट्डीज़ यानि बीएमएस एमबीए में मास्टर्स के लिए एक अहम भूमिका निभाता है। बीबीए / बीएमएस बिजनेस मैनेजमेंट में करियर चलाने के लिए बैचलर डिग्री है। इस कोर्स को किसी भी स्ट्रीम का स्टूडेंट कर सकता है लेकिन कॉमर्स के स्टूडेंट को इसे समझना और भी आसान हो जाता है।

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