12th साइंस का बेस है कई जॉब्स के लिए इम्पोर्टेन्ट ग्रेजुएशन में कर सकते हैं स्पेशलाइजेशन

साइंस स्ट्रीम वाले स्टूडेंट्स इंडियन आर्मी, टेक्निकल फील्ड और इन्फॉर्मेशन जाॅब्स के लिए क्वालिफाइ होते हैं।

एजुकेशन डेस्क। पहले स्टूडेंट्स साइंस से घबराते थे, लेकिन अब साइंस पाॅप्युलर होता जा रहा है। क्योंकि यह इंजीनियरिंग, मेडिकल और इससे जुड़े सबजेक्ट्स तक पहुंचाने का एक ज़रिया बन चुका है। कई ऐसी फील्ड्स हैं जिनमें जाने के लिए 12th में साइंस सबजेक्ट से होना बेहद जरूरी होता है। जल्द ही स्टेट, सीबीएसई और अन्य बोर्ड का 10th का रिज़ल्ट आने वाला है। अगर 10th के बाद आगे की स्टडी साइंस से करना चाहते हैं तो उससे पहले संभावनाओं पर भी विचार करना होगा। जो न सिर्फ 10th के बल्कि 12th पास करने वाले स्टूडेंट्स के लिए भी काफी अहम होगा। 

ये हैं साइंस स्ट्रीम के फ्यूचर कोर्स 

बीई/बीटेक - बीई यानि बैचेलर इन इंजीनियरिंग और बीटेक यानि बैचेलर इन टेक्नोलॉजी चार साल का कोर्स है बीई / बीटेक डिग्री चाहने वाले छात्रों को फिजिक्स, कैमिस्ट्री और गणित विषयों के साथ 12वीं करना जरूरी है। भारत में बीई / बीटेक के कई कॉलेज है जो खासतौर पर दिल्ली, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और बैंगलोर में मौजूद है। जहां आप कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कर सकते हैं।

बैचलर ऑफ साइंस - बीएससी यानि बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री आगे विज्ञान में करियर बनाने में काफी योगदान देती है। लेकिन इसके लिए 12वीं भी साइंस स्ट्रीम से ही होनी चाहिए। इस कोर्स की अवधि 3 साल होती है।

बैचेलर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (आईटी और सॉफ्टवेयर) - ये डिग्री कम्प्यूटर साइंस या सूचना प्रौद्योगिकी में बीटेक / बीई डिग्री के समान ही है। जिस विद्यार्थी ने भी साइंस स्ट्रीम गणित विषय के साथ पढ़ी हो वो इस कोर्स को आसानी से कर सकता है। भारत के कई कॉलेजों में ये कोर्स कराया जाता है।जिसे करने के बाद आप नेटवर्किंग हार्डवेयर और सुरक्षा, मोबाइल ऐप विकास, प्रोग्रामिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग और गेम डिज़ाइन में अपना करियर बना सकते हैं।

बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) - एमबीबीएस प्रमाणित डॉक्टर बनने की एक डिग्री है। जिसके लिए 12वीं कक्षा पीसीएम या पीसीएमबी विषयों के साथ 60 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण करनी ज़रूरी है। किसी भी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए उम्मीदवार को प्रवेश परीक्षा में भाग लेना होता है।

बीएससी नर्सिंग - बीएससी-नर्सिंग दो साल का डिग्री कोर्स है जिन छात्रों ने साइंस स्ट्रीम में 12वीं 50 फीसदी अंकों के साथ पास की हो और जीएनएम यानि जनरल नर्सिंग और मिडविफरी पाठ्यक्रम पारित किया हो वो इस कोर्स को करने के योग्य माने जाते हैं।

बैचलर इन फार्मेसी (बी फार्मा) - ये चार साल का कोर्स है जिसके लिए छात्रों को 12वीं पीसीएम या पीसीएमबी विषयों में 50 फीसदी अंकों के साथ पास करनी होती है। दिल्ली / एनसीआर, मुंबई, पुणे, बैंगलोर, कोलकाता में बीफार्मा कोर्स कराने वाले अनेकों कॉलेज हैं जिनमें पहले प्रवेश परीक्षाएं आयोजित होती हैं और उसके बाद बीफार्मा कोर्स के लिए एडमिशन मिल जाता है।

Next News

ग्लैमर वर्ल्ड करता है अट्रैक्ट तो 12th के बाद कर लें ये टॉप कोर्स

एक्टिंग के अलावा भी फिल्म इंडस्ट्री में ढेरों ऑप्शन हैं जो कॅरियर को नई हाईट्स दे सकते हैं। लेकिन इनके लिए क्रिएटिविटी सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट है।

12th के बाद ड्रीम काॅलेज का रखें पूरा नॉलेज, री-वेल ऑप्शन भी करें ट्राय

रिजल्ट की टेंशन में जरूरी काम न भूलें। अगर उम्मीद से कम नंबर आते हैं तो री-वेल के लिए अप्लाय करें। एडमिशन के टाइम कॉलेज की पूरी इन्फॉर्मेशन रखें।

Array ( )